Kalaratri Vashikaran Mantra | कालरात्रि वशीकरण मंत्र

Kalaratri Vashikaran Mantra - कालरात्रि वशीकरण मंत्र

📅 May 12th, 2022

By Vishesh Narayan

Summary Kalaratri Vashikaran Mantra is an intensely influential mantra to entice any person in this world. Kalaratri is widely regarded as one of the many destructive forms of the Mother Goddess. The Goddess was worshipped by Lord Krishna to gain many siddhis.


Kalaratri Vashikaran Mantra is an intensely influential mantra to entice any person in this world. The Vashikaran mantra can be utilized efficiently for success in life. Sadhak can placate any person by employing this Kalratri Mantra.

The Kalaratri Vashikaran is also known as Karya Siddhi Mantra. By utilizing this mantra adequately, the seeker can even delight the deities. Through this mantra, sadhak can get his wish done in a quicker period of time.

Kalaratri (sometimes spelled Kaalratri) is the seventh of the nine forms of the Goddess Durga, known as the Navadurga. She is first referenced in the Durga Saptashati.

Kalaratri is widely regarded as one of the many destructive forms of the Mother Goddess. The Goddess was worshipped by Lord Krishna to gain many siddhis.

The mantra is used to enthrall a person and mesmerize the gatherings. The effect of this mantra is instant.

The siddhi of Kalratri mantra can be earned by vocalizing this mantra 10,000 times. The seeker should chant this mantra on any auspicious day like eclipses and favorable planetary combinations.

After finishing the course of mantra, the seeker should conduct a fire ceremony of ten percent with lotus flowers. Feast ten brahmins and the mantra will acquire all its powers.

By adoring the Goddess Kalratri this way, the Goddess showers her endorsements to the seeker. Now, the seeker gets promising results from the mantra.

Benefits of Kalaratri Vashikaran Mantra

  • The seeker can chant 1008 times of the Vashikaran mantra and accomplish 10 percent of Homa with a lotus flower to hypnotize any person or organization. Energized Sammohan Mala can be used in this sadhana.
  • The seeker can assemble the paste of saffron, kumkum, and water and chant the Kalratri mantra 1008 times to make it a powerful Tilak. The sadhak can then apply the Tilak on his forehead and fascinate the masses.

The mantra can be used in any industry to get triumph. In this way, the whole world can be subdued by applying tilak on the forehead. Men and women, ministers and kings become under the control of the seeker just by having a glimpse of that Tilak. Anyone who touches such a seeker becomes his blind follower.

Kal Ratri Vashikaran Mantra

om aing kleem hreem shreem glaum bloom hasaum namah: kaahneshvari sarvaan mohay mohay krishne krishnavarne krshnaambar samanvite sarvaan aakarshay aakarshay sheeghram vashan kuru kuru hum aing kleem shreem.

ॐ ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ग्लौं ब्लू हसौं नमः काह्नेश्वरि सर्वान् मोहय मोहय कृष्णे कृष्णवर्णे कृष्णाम्बर समन्विते सर्वान् आकर्षय आकर्षय शीघ्रं वशं कुरु कुरु हुं ऐं क्लीं श्रीं।

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कालरात्रि वशीकरण मंत्र अपने आप में ही एक तीव्र और फल प्रदायक मंत्र है | जिसका प्रयोग बड़ी ही सफलता से सरलता से किया जा सकता है | इस कालरात्रि मंत्र के प्रयोग से साधक किसी भी व्यक्ति को वश में कर सकता है |

इस कालरात्रि वशीकरण मंत्र को कार्य सिद्धि मंत्र भी कहां जाता है | इस मंत्र का उचित रूप से प्रयोग करने पर साधक देवी देवताओं का वशीकरण तक भी कर सकता है | इस मंत्र के द्वारा साधक किसी भी व्यक्ति से अपना मनोवांछित संपन्न करवा सकता है |

इस कालरात्रि मंत्र से साधक ना केवल व्यक्ति विशेष का वशीकरण कर सकता है बल्कि इस मंत्र के प्रयोग से भरी सभा का सम्मोहन भी किया जा सकता है | इस कालरात्रि मंत्र का वार कभी खाली नहीं जाता |

साधक सर्वप्रथम इसका रात्रि मंत्र का 10 हजार बार जब करके इस मंत्र को सिद्ध कर ले किसी भी ग्रहण काल में या किसी शुभ मुहूर्त में इस मंत्र को सिद्ध किया जा सकता है |

10,000 जब करने के पश्चात साधक कालरात्रि मंत्र के दशांश का दिल से या कमल के पुष्पों से होम करें ब्राह्मणों को यथा उचित भोजन करवाएं | इस प्रकार पूजन करने से कालरात्रि साधक पर प्रसन्न होती है और साधक को अनुकूल फल प्रदान करती है |

और यह कालरात्रि मंत्र है

उस तिलक को लेकर पश्चिमाभिमुखी होकर 'ॐ ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ग्लौं ब्लू हसौं नमः काह्नेश्वरि सर्वान् मोहय मोहय कृष्णे कृष्णवर्णे कृष्णाम्बर समन्विते सर्वान् आकर्षय आकर्षय शीघ्रं वशं कुरु कुरु हुं ऐं क्लीं श्रीं।।' मंत्र से तीन सौ बार अभिमंत्रित करे।

इस प्रकार  ललाट पर तिलक करने से सर्व जगत को वशीभूत किया जा सकता है। ऐसे तिलक को लगाने वाले के दर्शन करने मात्र से ही स्त्री-पुरुष, राजादि साधक के वश में हो जाते हैं। जो मनुष्य ऐसे साधक का स्पर्श कर लेता है वह उसी का अनुचर हो जाता है।

विनियोग

अस्य कालरात्रिमन्त्रस्य दक्ष ऋषिः जगतीच्छन्दः अलर्कनिवासिनीकालरात्रिर्देवता क्रीं बीजं मायाराज्ञीति शक्तिः ममाभीष्ट सिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ।

ऋष्यादिन्यास

ॐ दक्षऋषये नमः शिरसि ।

जगतीच्छन्दसे नमो मुखे।

अलर्कनिवासिनीकालरात्रिदेवतायै नमो हृदि ।

क्रींबीजाय नमो लिंगे।

मायाराज्ञीतिशक्तये नमः पादयोः।

विनियोगाय नमः सर्वाङ्गे।

करन्यास

ॐ अंगुष्ठाभ्यां नमः।

ऐं तर्जनीभ्यां नमः ।

ह्रीं मध्यमाभ्यां नमः।

क्लीं अनामिकाभ्यां नमः ।

श्रीं कनिष्ठिकाभ्यां नमः।

ध्यान

ॐ उद्यन्मार्तण्डकान्तिं विगलितकबरीं कृष्णवस्त्रावृताङ्ग दण्डं लिंग कराब्जैर्वरमथ भुवनं संघधानां त्रिनेत्राम् ।

नानाकल्पैर्विभासं स्मितमुखकमलां सेवितां देवसंधैर्मायाराज्ञीं मनोभूशरविकलतनूमाश्रये कालरात्रिम्॥


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