Shunya Siddhi Mantra | हवा में इच्छित पदार्थ पाने का मन्त्र

Shunya Siddhi Mantra - हवा में इच्छित पदार्थ पाने का मन्त्र

📅 Sep 13th, 2021

By Vishesh Narayan

Summary Shunya Siddhi Mantra is a mantra sadhana to bring abstract things into the physical form. Bhagavatpada Shankaracharya was one of the yogis who mastered this sadhana. Even in the present time, some people surprise people by getting anything from the vacuum.


Shunya Siddhi Mantra is a mantra sadhana to bring abstract things into the physical form. A monk lives blissfully in the Himalayas by attaining mastery in Shunya Siddhi( Extracting things from the Vacuum).

Through Shunya Siddhi, the yogis obtain any desired item from the space. Shunya Siddhi meditation has certainly been the absolute secret and very few sadhaks of this practice are found.

The yogis of this sadhana often become indifferent to society.

Bhagavatpada Shankaracharya was one of the yogis who mastered this sadhana. Even in the present time, some people of this spiritual practice are found, who surprise people by getting anything from the vacuum.

Some distinct magicians also take advantage of this and bewilder the people.

Even today some lucky sadhaks have this practice which they use only for themselves.

शून्य साधना सिद्ध कर के ही एक संन्यासी हिमालय में आनंद से जीवन व्यतीत करता है | शून्य साधना के माधयम से उच्च कोटि के योगी हवा से ही कोई भी ईच्छित वस्तु की प्राप्ति कर लेते हैं |

शून्य साधना निश्चय ही परम गोपनीय रही है और इस साधना के बहुत ही कम साधक मिलते हैं | इस साधना के योगी प्राय: समाज के प्रति उदासीन हो जाते हैं |

भगवत्पाद शंकराचार्य इस साधना के अद्वितीय योगी थे| वर्तमान समय में भी इस साधना के कुछ जानकार मिल जाते हैं जो शून्य से कोई भी पदार्थ मंगा कर लोगों को अचम्भित कर देते हैं |

कुछ धूर्त जादूगर भी इस का लाभ उठा कर लोगों को भ्रमित करते हैं | आज भी कुछेक भाग्यशाली साधकों के पास यह साधना सुरक्षित है और वो इसका प्रयोग सिर्फ स्वयं के लिए ही करते हैं |

शून्य साधना को संपन्न करने का सर्वश्रेष्ठ समय किसी भी शुक्ल पक्ष के प्रथम दिन से आरंभ होता है| अपने गुरु की अनुमति के बिना इस साधना को कदापि संपन्न नहीं करना चाहिए |

यह साधना कोई गृहस्थ साधक भी कर सकता है जिसने पहले कोई उच्चकोटि की साधनाएं संपन्न कर रखी हों |

Auspicious Time For Shunya Siddhi

The best time to Start Shunya Sadhana begins on the first day of any Shukla Paksha or the First Day of the Moon.

This practice should never be performed without the permission of your Guru. Even a person living in his family can also perform this kind of sadhana.

How To Perform Shunya Siddhi Mantra

  • This practice is for 27 days. The sadhak can only drink milk these days. These days one should not take food.
    You can drink milk as much as you want.
  • Fruits can be consumed. Celibacy should be practiced in this sadhana.
  • After completing the mantras the sadhak can sleep on a well-decorated floor or mat.
  • The sadhak should take bath and wear yellow clothes and sit in a secluded room on a white cotton mat.
  • After doing a brief puja of your Guru, sit facing the north direction.
  • Put a water pot in front of you and light a lamp of ghee.
  • Make a swastika symbol from Kumkum in a vessel in front of you and place the Shunya Gutika on it.
  • Chant 51 mala of Shunya Siddhi mantra with Energized Sphatik Mala.
  • यह साधना 27 दिनों की है| साधक इन दिनों केवल दूध पी सकता है| इन दिनों अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए| दूध चाहे आप जितना चाहे पी सकते हैं|
  • फल भी खा सकते हैं| इस साधना में ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए| और भूमि शयन ही करना चाहिए |
  • साधक को स्नान कर पीले वस्त्र धारण करने चाहिए किसी एकांत कक्ष में सफेद सूती आसन बिछाकर बैठना चाहिए|
  • अपने गुरु का संक्षिप्त पूजन कर उत्तर दिशा की ओर बैठे|
  • अपने सामने जल पात्र रखें और घी का दीपक जलाएं|
  • अपने सामने किसी पात्र में कुंकुम से स्वस्तिक चिन्ह बना कर उसके ऊपर शून्य गुटिका को रख दे|
  • और प्राण प्रतिष्ठित स्फटिक माला से शून्य सिद्धि मंत्र का जप करें|

Shunya Siddhi Mantra

ॐ ह्रीं क्रीं क्रीं वैताली वायु मार्गेण इच्छित पदार्थ प्राप्त्यर्थं क्रीं क्रीं ह्रीं हुं फट
Om Hreem Kreem Kreem Vaitali Vaayu Margen Ichchit Padarth Praptyartham Kreem Kreem Hreem Hum Phat

Chant the 51 rosaries regularly. And on the last day, tie it in a silver amulet and wear it around your neck. By doing this, this mastery is attained.

After that when required, reciting this mantra in the mind 5 times brings the desired thing immediately in the hands of the sadhak. Similarly, using the same trick it can be merged back into the vacuum.

It is a Saumya spiritual practice and the results can be attained soon. This practice should only be used for good works. Any intention to show miracles, the siddhi at any time becomes obsolete.

This practice is only for those sadhaks who have done other spiritual practices in life and have achieved success in them.

नित्य 51 माला का मंत्र जाप करें| और अंतिम दिन किसी चाँदी के ताबीज़ में इस शून्य गुटिका को बांध कर अपने गले में पहन लें | ऐसा करने से यह साधना सिद्ध हो जाती है |

आवश्यकता पढ़ने पर 5 बार इस मंत्र को मन में पढ़ने से जिस वस्तु की इच्छा की जाती है वो तुरंत ही साधक के हाथ में आ जाती है| इसी प्रकार प्रयोग करने से उसी वस्तु को वापस विलीन किया जा सकता है |

यह एक सौम्य मन्त्रिक साधना है और इसका फल शीघ्र ही प्राप्त किया जा सकता है| इस साधना का प्रयोग केवल अच्छे कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए|

किसी को चमत्कार दिखाने की इच्छा से किया हुआ कार्य कभी विपरीत भी हो जाता है | यह साधना केवल उन्ही साधकों के लिए है जो जीवन में अन्य साधनाएं कर चुके हैं और उनमें सफलता प्राप्त कर चुके हैं|


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